सहारनपुर, दिसम्बर 18 -- नकली नोट बनाने वाला गौरव पुंडीर कक्षा 12 तक पढ़ा है। उसने कंप्यूटर डिजाइनिंग सीखा था। इसके साथ ही कुछ समय तक फोटो स्टेट की दुकान भी चलाई। करीब एक साल पहले आरोपी ने कंप्यूटर में असली नोट स्कैन कर नकली नोट तैयार करना भी शुरू कर दिया था। पुलिस आरोपियों के गिरोह के बारे में भी पता करने में जुटी है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी ने किस-किस प्रदेश में नकली नोट किन-किन लोगों को सप्लाई किए हैं। आरोपी गौरव पुंडीर दिल्ली रोड स्थित सेंट्रल पार्क का रहने वाला है, जहां उसका तीन मंजिला मकान है। बताया जाता है कि मकान के सबसे ऊपरी हिस्से पर आरोपी ने नकली नोट प्रिंट करने के उपकरण लगा रहे थे, जहां पर वह किसी को आने-जाने नहीं देता था। इसके साथ ही आरोपी का क्रॉकरी का भी कार्य करता था। क्रॉकरी के कार्य में उसके यहां कुछ कर्मचारी भ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.