लखनऊ, जुलाई 21 -- रजनीश रस्तोगी, वरिष्ठ संवाददाता, लखनऊ। नकली दवाओं के कारोबारियों ने पुलिस, एसटीएफ और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की निगरानी से बचने के लिए नई तरकीब अपना ली है। एफएसडीए की जांच में खुलासा हुआ है कि तस्कर अब असली दवाओं की खेप के साथ थोड़ी-थोड़ी मात्रा में नकली दवाएं मिलाकर बाजार तक पहुंचा रहे हैं, जिससे परिवहन के दौरान संदेह कम होता है। इस नई रणनीति के चलते जांच एजेंसियों के लिए नकली दवाओं की पहचान करना कठिन हो गया है। एफएसडीए अफसरों के मुताबिक, पहले नकली दवाओं की अलग खेप भेजी जाती थी, जिससे कार्रवाई की संभावना अधिक रहती थी। लेकिन अब असली और नकली दवाओं को एक साथ भेजने की रणनीति अपनाई जा रही है। यही वजह है कि कई बार ऐसी दवाएं मेडिकल स्टोर तक पहुंच जाती हैं और उनकी पहचान केवल प्रयोगशाला जांच के बाद ही हो पाती है...