प्रमुख संवाददाता, अप्रैल 3 -- यूपी के कानपुर में पेट्रोल और डीजल खरीदने के लिए नकद की बाध्यता ने पंप संचालकों की गणित बिगाड़ दी है। कानपुर नगर ही नहीं बल्कि मंडल के सभी जिलों पर इसका असर पड़ रहा हैं। शहर के नौ पंप सूख गए हैं। बचे हुए पंपों पर कम डीजल और पेट्रोल मिल रहा है। इससे पंप संचालक और जनता दोनों ही बेहाल हैं। संचालकों को पूरा लोड ही नहीं मिल रहा है। इंडियन आयल और एचपीसीएल के पंपों पर तेल की कमी हो गई है। इससे संचालक शहरवासियों को कम-कम तेल दे रहे हैं। देर रात तक पंपों पर तेल भराने वालों की लंबी-लंबी लाइनें लग रही हैं। दिन प्रतिदिन गैस के बाद अब पेट्रोल और डीजल का संकट गहराता जा रहा है। गैस कंपनियां निर्धारित मांग का सिर्फ आधे से भी कम डीजल और पेट्रोल दे रही हैं। वह भी पैसे का भुगतान नकद करना पड़ रहा है। अगर किसी के पास पैसा नहीं है...
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