ज्योतिर्विद दिवाकर त्रिपाठी, दिसम्बर 26 -- वर्ष 2025 के आरंभ में ग्रहों की स्थिति पर विचार किया जाए तो सूर्य धनु राशि में, चंद्रमा मकर राशि में, मंगल अपने नीच राशि कर्क में, बुध मंगल की राशि वृश्चिक में, गुरु शुक्र की राशि वृष में, शनि और शुक्र कुंभ राशि में विद्यमान थे। तो वहीं केतु कन्या राशि में तथा राहु मीन राशि में विद्यमान थे। वर्ष के आरंभ में मंगल नीच राशि में विद्यमान था। साथ ही वर्ष का स्वामी ग्रह मंगल वर्ष के आरंभ में मंगल अपने नीच राशि में विद्यमान था। परिणाम स्वरुप चारों तरफ नकारात्मकता, नकारात्मक विचार व्याप्त रहा। ज्योतिर्विद दिवाकर त्रिपाठी के अनुसार इस साल वहीं पर 1 जनवरी 2026 के आरंभ में ग्रहों की स्थिति पर विचार किया जाए तो सूर्य मंगल बुध तथा शुक्र का कि चतुर्ग्रही योग धनु राशि में विद्यमान होंगे। चंद्रमा उच्च राशि वृष म...