नए सहयोग का समय
नई दिल्ली, सितम्बर 23 -- यह सुखद और स्वागतयोग्य है कि भारत दुनिया की महाशक्तियों से परे एक अलग मजबूत बहुदेशीय आवाज बनाने की कोशिश करता दिख रहा है। संयुक्त राष्ट्र महासभा के उच्च स्तरीय सत्र के दौरान ही भारत, लैटिन अमेरिकी एवं कैरेबियाई देशों के समूह (सीईएलएसी) के विदेश मंत्रियों की बैठक हुई है। इस बैठक में भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने दोटूक कहा है कि ग्लोबल साउथ को वैश्विक व्यवस्था का भविष्य तय करने में मजबूत आवाज हासिल होनी चाहिए। यह कहने में हर्ज नहीं कि ग्लोबल साउथ अर्थात दुनिया के गरीब व विकासशील देशों को परस्पर तालमेल रखते हुए साझा हित देखना ही चाहिए। आज बड़ी शक्तियां किसी की सुनने को तैयार नहीं हैं। खासकर अमेरिका जिस ढंग से दुनिया के हालात बदलने की कोशिश कर रहा है, उसमें गरीब और विकासशील देशों पर सर्वाधिक मार पड़ रही है। यह मार ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.