पटना, नवम्बर 24 -- केंद्र सरकार के नए श्रम कानून को लेकर बैंक यूनियनों ने आपत्ति दर्ज करायी है। बिहार राज्य के बैंक ऑफ इंडिया एम्पलाई यूनियन के महासचिव प्रफुल्ल कुमार ने सोमवार को कहा कि केंद्र सरकार की ओर से लागू किए गए नए लेबर कोड को मजदूरों के हितों को कमजोर करने वाली नीति के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि पहले जहां लेबर कानूनों के तहत 29 अलग-अलग प्रावधान थे, वहीं अब उन्हें समेटकर मात्र चार लेबर कोड बनाए गए हैं। पुराने कानून में केवल 100 कर्मचारी होने पर ट्रेड यूनियन का गठन संभव था। नए लेबर कोड में इस संख्या को बढ़ाकर 300 कर्मचारियों से अधिक कर दिया गया। इसके कारण अब छोटे संगठनों का गठन कठिन हो जाएगा। प्रबंधन का दबाव बढ़ेगा और श्रमिकों की सुरक्षा कम होगी। पहले किसी भी संगठन को 14 दिन पूर्व नोटिस देकर हड़ताल करने का अधिकार था। नए ...
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