नई दिल्ली, जुलाई 25 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। शिक्षा मंत्री का पद भाजपा सरकार में चुनौतियों से भरा रहा है। पिछले 12 सालों में अलग-अलग मंत्रियों ने इस महकमे का कार्यभार संभाला । इनमें धर्मेंद्र प्रधान का कार्यकाल अपेक्षाकृत सबसे लंबा रहा है। ऐसे में शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार प्रह्लाद जोशी को मिलने के बाद उनके सामने कई चुनौतियां होंगी। मोदी सरकार में धर्मेंद्र प्रधान लगभग 1,845 दिन शिक्षा मंत्री रहे। प्रकाश जावड़ेकर लगभग 1,059 दिन, स्मृति ईरानी लगभग 771 दिन और रमेश पोखरियाल निशंक लगभग 769 दिन तक पद पर रहे। शिक्षा मंत्रालय का जिम्मा संभालने वाले नए मंत्री प्रह्लाद जोशी के सामने नई शिक्षा नीति को प्रभावी तरीके से लागू करना और नीट सहित कई अन्य परीक्षाओं का कुशल संचालन बड़ी चुनौती होगी। यह भी पढ़ें- नए शिक्षा मंत्री के सामने होगी ...