बदायूं, जनवरी 1 -- बदायूं जनपद सूफीसंतों के साथ वेदों की धरती रहा है। इसके साथ-साथ डॉ. उर्मिलेश शंखधार से लेकर डॉ. बृजेंद्र अवस्थी जैसे वरिष्ठ साहित्यकार और शायर शकील बदायूं सहित ने देश और दुनिया में बदायूं को पहचान दिलाई है। यहां तक कि सहसवान की नामचीन हस्तियों में संगीत के क्षेत्र में पदमश्री व पदमभूषण प्राप्त कर चुके हैं। साहित्य के क्षेत्र में हर वर्ष कोई न कोई बढ़ावा मिलता है और साहित्य को ऊंचाईयां मिलती हैं। नववर्ष 2026 आ गया है। यह नूतन वर्ष बदायूं में साहित्य को नया बढ़ावा देगा और नया सृजन करेगा। जिसमें तमाम युवा कवियों को साहित्य के क्षेत्र में मौका मिलेगा। उमंगों का पंछी पुन: चहचहाया, नया साल : डॉ. सोनरूपा अंतरराष्ट्रीय कवियत्री डॉ. सोनरूपा विशाल ने नये साल का आगाज कुछ यूं किया, उमंगों का पंछी पुन: चहचहाया, नया साल आया नया साल आ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.