नए एसटीपी का पानी सीधे उद्योगों में उपयोग हो सकेगा
गाज़ियाबाद, जुलाई 22 -- ट्रांस हिंडन, आयुष गंगवार। यमुना और हिंडन को प्रदूषणमुक्त करने के लिए बनने वाले दो सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से शोधित पानी का उपयोग सीधे औद्योगिक इकाइयों में हो सकेगा। लगभग 4400 करोड़ रुपये की डीपीआर नमामि गंगे मिशन के तहत जल निगम ने बनाकर भेजी थी। ये एसटीपी मेंब्रेन तकनीक पर आधारित होंगे, जो पहली बार जिले में बनाए जाएंगे। इससे टर्शरी ट्रीटमेंट प्लांट (टीटीपी) बनाने की जरूरत नहीं होगी। इससे जगह और संसाधनों की बचत होगी। यमुना में लोनी के नालों का पानी गिरता है, जबकि हिंडन में गाजियाबाद शहर के नालों का पानी गिरता है। हिंडन भी आगे जाकर यमुना में मिल जाती है। यमुना को प्रदूषण मुक्त करने के लिए केंद्र सरकार के निर्देश पर जल निगम ने दो डीपीआर बनाई हैं।
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