गोरखपुर, जून 3 -- गोरखपुर, निज संवाददाता। सकारात्मक इच्छा शक्ति के साथ प्रशिक्षण प्राप्त करने से ही उसका वास्तविक लाभ मिलता है। शिक्षक प्रशिक्षण के माध्यम से अपने शिक्षण कार्य में निखार लाने के साथ-साथ शिक्षण कौशल को भी अधिक प्रभावी बना सकते हैं। यह बातें विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के संगठन मंत्री हेमचंद ने सरस्वती शिशु मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, सुभाषचंद्र बोस नगर में आयोजित 15 दिवसीय नवचयनित आचार्य प्रशिक्षण वर्ग के उद्घाटन समारोह में कहीं। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति आधारित शिक्षा के प्रसार के उद्देश्य से वर्ष 1952 में गोरखपुर के पक्कीबाग में प्रथम शिशु मंदिर की स्थापना की गई थी। आगे चलकर वर्ष 1977 में विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान की स्थापना हुई, जिसका उद्देश्य राष्ट्रभक्ति, भारतीय संस्कारों एवं सर्वां...