वाराणसी, फरवरी 13 -- वाराणसी, वरिष्ठ संवाददाता। तीन तरफ से समुद्र से घिरे और छोटी-बड़ी नदियों के संजाल वाले भारत के 'ब्लू ट्रांसफॉर्मेशन' में अनुसंधान और नई खोजों की भूमिका अहम होगी। बीएचयू आए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के डिप्टी डायरेक्टर जनरल (मत्स्य विज्ञान विभाग) डॉ. जॉयकृष्ण जेना ने ब्लू रिवॉल्यूशन (नील क्रांति) और ब्लू इकोनॉमी के महत्व के बारे में बात की। डॉ. जेना ने बताया कि आईसीएआर भारत को मछली पालन और जलीय कृषि में दुनिया का सिरमौर बनाने की नई योजना पर काम कर रहा है। बताया कि 'ब्लू इकोनॉमी' समुद्र और पानी से जुड़ी अर्थव्यवस्था है। कहा कि भारत में समुद्री जल के साथ ही मीठे पानी के भी कई स्रोत हैं। देश में खाद्य सुरक्षा और नए रोजगार पैदा करने के लिए इन संसाधनों का सही इस्तेमाल जरूरी है। डॉ. जेना ने बताया कि भारत दुनिया का...