रांची, सितम्बर 20 -- कर्रा, प्रतिनिधि। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत 15 वर्ष एवं उससे अधिक आयु के असाक्षर लोगों को बुनियादी साक्षरता, संख्यात्मक ज्ञान और महत्वपूर्ण जीवन कौशल प्रदान करने के उद्देश्य से उल्लास कार्यक्रम चलाया जा रहा है। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग और झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद के माध्यम से संचालित इस कार्यक्रम के तहत प्रखंड के सभी विद्यालयों को जन चेतना केंद्र बनाया गया है। जन चेतना केंद्रों के प्रभारी शिक्षकों द्वारा क्षेत्र में असाक्षरों का सर्वेक्षण कर उनका ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकरण किया गया है। चिन्हित असाक्षरों के लिए वर्ष में दो बार परीक्षा आयोजित की जाती है। इसी क्रम में रविवार को कर्रा प्रखंड के सभी जन चेतना केंद्रों पर उल्लास परीक्षा आयोजित हुई। परीक्षा में कुल 1287 असाक्षरों ने भाग लिया। इनमें 676 महिला...