भागलपुर, अप्रैल 9 -- भागलपुर, वरीय संवाददाता अब तक पुरानी प्रजाति (प्रभेद) से गन्ना उपजा रहे किसानों को उतना फायदा नहीं मिलता था। मेहनत ज्यादा और गन्ने में मिठास कम मिलती थी, जिससे उन्हें उतना दाम नहीं मिल पाता था। बाजार में किसानों का गन्ना दूसरे प्रदेशों से आए गन्नों के सामने टिक नहीं पाता। लेकिन अब जिले में गन्ने की खेती का चेहरा बदल रहा है। किसानों को मिले गन्ने की उन्नत प्रजाति की किस्मों से न केवल आकर्षक, मोटा एवं लंबा गन्ना मिल रहा है। बल्कि पुराने प्रजाति के गन्ने की किस्म की तुलना में इस नए प्रजाति के गन्ने में मिठास ज्यादा मिलेगी। इससे इन गन्नों के लिए किसानों को बेहतर दाम मिलेंगे और उनकी माली हालत भी सुधरेगी।दशकों से तीन से चार प्रजाति के गन्ने को उपजा रहे थे किसानसहायक निदेशक ईख संदीप कुमार कहते हैं कि भागलपुर जिले में दशकों स...
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