प्रयागराज, फरवरी 25 -- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गाजियाबाद नगर निगम क्षेत्र के निवासियों के लिए प्रॉपर्टी टैक्स की नई दरों को चुनौती देने वाली जनहित याचिका खारिज़ कर दी है। कोर्ट ने अपने फैसले में टैक्स बढ़ोत्तरी को सही और नियमानुसार करार दिया है। जनहित याचिका कुछ पूर्व पार्षदों ने दाखिल की थी। इस पर मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली और न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेंद्र की खंडपीठ ने सुनवाई की। इस फैसले के बाद अब गाजियाबाद में 1 अप्रैल 2025 से लागू की गई नई और बढ़ी हुई दरों पर प्रॉपर्टी टैक्स की वसूली का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। यह याचिका गाजियाबाद के वर्तमान पार्षद राजेंद्र त्यागी और अन्य पूर्व पार्षदों द्वारा दायर की गई थी। याचिकाकर्ताओं ने नगर निगम द्वारा संपत्तियों के नए वर्गीकरण और 'न्यूनतम मासिक किराया दर' में की गई वृद्धि को चुनौती दी थी। उनका...
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