गया, जनवरी 31 -- बोधगया के एक होटल में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में सरल इलाज पर विस्तृत चर्चा हुई। इसमें मध्यम और गंभीर एनीमिया से जूझ रहीं गर्भवतियों के उपचार को सरल और अधिक प्रभावी बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने नई पहल शुरू की है। अब तक आयरन सुक्रोज इंजेक्शन की कई खुराकों के माध्यम से इलाज होता था। अब फेरिक कार्बोक्सीमाल्टोज इंजेक्शन की सिंगल डोज से ही प्रभावी उपचार संभव होगा। इससे समय की बचत के साथ ही उपचार की निरंतरता भी सुनिश्चित होगी। नई व्यवस्था को सफलतापूर्वक लागू करने के उद्देश्य से जिला स्वास्थ्य समिति, एम्स पटना और यूनिसेफ के संयुक्त तत्वावधान में गया जिले के 27 स्वास्थ्य केंद्रों के चिकित्सा पदाधिकारियों, जीएनएम और एएनएम के लिए तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एम्स पटना के कम्युनिट...
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