हल्द्वानी, अप्रैल 16 -- देवेंद्र रौतेला हल्द्वानी। डॉ. सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय में पॉइंट ऑफ केयर अल्ट्रासाउंड (पोकस) कार्यशाला में नवजातों के उपचार पर चर्चा हुई। नवजात के इलाज में नई तकनीक के उपयोग पर जोर दिया गया। विशेषज्ञों ने पोकस तकनीक की उपयोगिता पर विस्तार से जानकारी दी।डॉ. प्रदीप सूर्यवंशी (पुणे), डॉ. गायत्री मुराजकर (मुंबई), डॉ. हंस वैष (देहरादून) और डॉ. चिन्मय चेतन (विभागाध्यक्ष, जॉली ग्रांट मेडिकल कॉलेज, देहरादून) ने प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दिया। मेडिकल कॉलेज में बाल रोग विभाग की अध्यक्ष डॉ. ऋतु रखोलिया ने बताया कि फंक्शनल अल्ट्रासाउंड के माध्यम से नवजात शिशुओं के दिमाग, छाती, फेफड़े, हृदय और पेट की बीमारियों का त्वरित निदान संभव है। यह भी पढ़ें- लोहाघाट में अल्ट्रासाउंड केंद्रों का औचक निरीक्षण किया यह तकनीक बिना किसी...
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