देहरादून, दिसम्बर 15 -- नई टिहरी। सेंटर आफ इंडियन ट्रेड यूनियन (सीटू) ने चार श्रम संहिता लागू करने के विरोध में व मजदूर विरोधी इन संहिताओं को निरस्त करने के संबंध में राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर श्रम विरोधी कानूनों के लेकर रोष जाहिर किया है। जनपद टिहरी गढ़वाल के श्रम प्रवर्तन अधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजे ज्ञापन में सीटे के पदाधिकारियों ने बताया है कि भारत सरकार ने चार श्रम कानून को लागू किया है, जो कि पूरी तरह से श्रम विरोधी हैं। यह श्रम कानून विपक्षी सांसदों के निष्कासन के दौरान एक तरफा पास किये गये हैं। इन श्रम कानूनों को लागू करने में ट्रेड यूनियनों की भूमिका को दर किनार रखा गया है। जबकि ट्रेड यूनियन लगातार इन श्रम कानूनों का विरोध करते आ रहे हैं। इन श्रम कानूनों को रद्द कर अल्प वेतन भोगी कर्मचारी को न्यूनतम 26 हजार का वेतन न...
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