मुजफ्फर नगर, अगस्त 13 -- मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर दंगे से पहले नंगला मंदौड़ में हुई पंचायत के मामले में दर्ज भड़काऊ भाषण और निजी परिवाद के केस शासन के आदेश पर खत्म कर दिए गए हैं। इन मामलों में राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार कपिलदेव अग्रवाल, पूर्व केन्द्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान, पूर्व मंत्री सुरेश राणा, पूर्व विधायक उमेश मलिक, सपा सांसद हरेन्द्र मलिक और साध्वी प्राची आदि भी आरोपी बनाए गए थे। मुजफ्फरनगर में वर्ष 2013 में हुए दंगे का कारण बने कवाल कांड में मारे गए सचिन और गौरव की हत्या के बाद 31 अगस्त 2013 को नंगला मंदौड़ में उनकी शोकसभा और पंचायत हुई थी। पुलिस ने इसमें शामिल लोगों के खिलाफ भड़काऊ भाषण को लेकर मुकदमा दर्ज किया था। बचाव पक्ष के वकील श्यामवीर सिंह और बिजेंद्र मलिक ने बताया कि शासन द्वारा पूर्व में इन मामलों को खत्म करने के...