लखनऊ, अप्रैल 11 -- ध्वनि प्रदूषण अब केवल असुविधा का कारण नहीं रह गया है, बल्कि यह दिल की सेहत के लिए गंभीर खतरा बनकर उभर रहा है। लगातार तेज शोर के संपर्क में रहने से दिल की बीमारियों का जोखिम तेजी से बढ़ रहा है। यह जानकारी लोहिया संस्थान में कॉर्डियोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. भुवन चन्द्र तिवारी ने दी। वह शनिवार को अटल बिहारी वाजपेई मेडिकल यूनिवर्सिटी के प्रेक्षागृह में कार्डियोलॉजी सोसाइटी ऑफ इंडिया (सीएसआई) की कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे। डॉ. भुवन चन्द्र तिवारी ने बताया कि लोहिया संस्थान के कॉर्डियोलॉजी विभाग, लारी, पीजीआई में हर महीने 50 से अधिक ऐसे मरीज सामने आ रहे हैं, जिनकी समस्याओं में ध्वनि प्रदूषण एक महत्वपूर्ण कारण के रूप में सामने आया है। इनमें 20 से 50 वर्ष आयु वर्ग के लोग अधिक हैं। डॉ. भुवन ने बताया कि तेज आवाजें शरीर में त...