औरैया, मार्च 7 -- अछल्दा, संवाददाता। विकास खंड के ग्राम चिमकुनी में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में कथा व्यास अभिषेक द्विवेदी ने भक्त ध्रुव का प्रसंग सुनाया, जिसे सुनकर श्रोता भावविभोर हो गए। कथा के दौरान उन्होंने बताया कि तपस्या और निश्छल प्रेम से भगवान भक्त के सामने प्रकट होते हैं। उन्होंने कहा कि राजा उत्तानुपाद की दो पत्नियां थीं एक का नाम सुनीति और दूसरी का सुरुचि। सुरुचि के कहने पर राजा ने सुनीति को जंगल भेज दिया था। एक दिन सुनीति का पुत्र ध्रुव खेलते-खेलते राजदरबार पहुंच गया और पिता की गोद में बैठ गया। इस पर सुरुचि ने उसे फटकारते हुए गोद से उतार दिया और वहां से भगा दिया। इस अपमान से आहत होकर बालक ध्रुव जंगल चला गया और भगवान की कठोर तपस्या करने लगा। उन्होंने बताया कि भीषण बारिश, आंधी और तूफान भी ध्रुव की तपस्या को डिगा नहीं सके। नारद मु...