औरैया, जनवरी 23 -- अछल्दा, संवाददाता। अछल्दा क्षेत्र के रूपपुर गांव स्थित हनुमान मंदिर पर चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन शुक्रवार को श्रद्धालु भक्ति में लीन नजर आए। कथा वाचन के दौरान ध्रुव चरित्र और सती चरित्र के प्रसंग सुनकर भक्त भाव-विभोर हो गए। कथा वाचक रजनेश शास्त्री ने ध्रुव चरित्र का वर्णन करते हुए बताया कि सौतेली मां से अपमानित होकर बालक ध्रुव कठोर तपस्या के लिए वन को चले गए। बारिश, आंधी और तूफानों के बावजूद तपस्या से विचलित न होने पर भगवान विष्णु प्रकट हुए और उन्हें अटल पदवी प्रदान की। उन्होंने कहा कि सच्ची श्रद्धा और धैर्य से भगवान को भी प्रसन्न किया जा सकता है। सती चरित्र का प्रसंग सुनाते हुए कथा वाचक ने बताया कि भगवान शिव की अनुमति के बिना सती अपने पिता दक्ष के यहां आयोजित यज्ञ में पहुंच गईं। यज्ञ में भगवान शिव को आमंत्रण ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.