गोंडा, अप्रैल 25 -- नवाबगंज, संवाददाता। नगर के पड़ाव मोहल्ले में पूर्व मत्री के घर पर चल रही भागवत कथा में गुरुवार की रात व्यास पीठ से कथा वाचक डॉ. संत शरण त्रिपाठी ने ध्रुव, प्रह्लाद तथा भरत उपाख्यान का विस्तारपूर्वक एवं भावपूर्ण वर्णन किया। आचार्य त्रिपाठी ने ध्रुव चरित्र का वर्णन करते हुए कहा कि ध्रुव की अटूट निष्ठा, तपस्या और भगवान के प्रति अडिग विश्वास हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने बताया कि मात्र पांच वर्ष की आयु में ध्रुव ने कठोर तप कर भगवान को प्रसन्न किया और ध्रुव तारा के रूप में अमर हो गए। यह कथा हमें सिखाती है कि यदि संकल्प दृढ़ हो तो छोटी उम्र या विपरीत परिस्थितियां भी सफलता में बाधा नहीं बन सकतीं।इसके पश्चात प्रह्लाद चरित्र का वर्णन करते हुए आचार्य ने कहा कि प्रह्लाद ने अपने पिता हिरण्यकशिपु के अत्याचारों के बावजूद भ...