चतरा, अप्रैल 3 -- सिमरिया निज प्रतिनिधि चतरा जिले का सिमरिया प्रखंड इन दिनों कृषि के क्षेत्र में एक मिशाल पेश कर रहा है। कभी सिंचाई और तकनीक के अभाव में पिछड़ने वाला यह क्षेत्र अब आधुनिक खेती का केंद्र बनता जा रहा है। इस बदलाव के सूत्रधार इलाके के वे शिक्षित युवा हैं, जिन्होंने महानगरों की नौकरी के पीछे भागने के बजाय अपनी मिट्टी को सोना उगलने के लिए चुना है। प्रखंड के ईचाक खुर्द, सिउरिया, डाडी, एदला, देल्हो, खपिया, पगार सहित विभिन्न गांवों में इन दिनों गर्मी के मौसम के बावजूद टमाटर, बैंगन और खीरे की लहलहाती फसलें देखी जा सकती हैं। पहले खेती की सिंचाई में आधे से अधिक पुंजी लग जाती थी।परंतु अब बिजली और सोलर ऊर्जा के कारण सिंचाई करना आसान हो गया है।युवाओं ने पारंपरिक खेती के ढर्रे को छोड़कर मल्चिंग पेपर, ड्रिप इरिगेशन (टपक सिंचाई) और उन्नत किस...
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