सुल्तानपुर, मई 24 -- सुलतानपुर, संवाददाता। धोपाप विकास बोर्ड एवं भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित संगीतमयी श्रीराम कथा के पांचवें दिन कथा व्यास आचार्य दिलीप कृष्ण भारद्वाज ने भगवान श्रीराम एवं माता सीता के दिव्य विवाह प्रसंग का अत्यंत भावपूर्ण एवं भक्तिमय वर्णन किया। कथा के दौरान श्रद्धालु भक्ति रस में डूबे दिखाई दिए तथा पूरा कथा परिसर सीताराम एवं जय श्रीराम के उद्घोषों से गुंजायमान हो उठा। कथाव्यास ने कहा कि राम विवाह केवल एक वैवाहिक प्रसंग नहीं, बल्कि धर्म, मर्यादा, संस्कार एवं आदर्श जीवन का दिव्य संदेश है। उन्होंने बताया कि मिथिला नगरी में आयोजित स्वयंवर में भगवान श्रीराम ने भगवान शिव के धनुष को उठाकर प्रत्यंचा चढ़ाने का प्रयास किया, जिससे धनुष भंग हो गया और माता सीता ने भगवान श्रीराम को पति रूप में वरण किया।क...