प्रयागराज, अप्रैल 29 -- Allahabad Highcourt: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फर्जी शैक्षिक प्रमाणपत्र के आधार पर नौकरी पाने वाले आबकारी सिपाहियों को राहत देने से इनकार करते हुए तीनों विशेष अपीलों को निराधार बता यह कहते हुए खारिज कर दिया है कि "धोखाधड़ी और न्याय साथ नहीं चल सकते।" मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली और न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेन्द्र की खंडपीठ ने जावेद खान, नजीब अली और मुश्ताक उल्लाह की विशेष अपीलों पर यह निर्णय दिया है। मामला जावेद खान, नजीब अली और मुस्ताक उल्लाह की नियुक्ति से जुड़ा है, जिन्हें वर्ष 2010 में आबकारी सिपाही के पद पर नियुक्त किया गया था। बाद में जांच में सामने आया कि उन्होंने 'अधिकारी परीक्षा' का जो प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया था, वह फर्जी और अवैध है। इसके आधार पर उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गई थीं। इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी ...