लखनऊ, अप्रैल 2 -- लखनऊ। विधि संवाददाता उप्र फार्मेसी काउंसिल से धोखाधड़ी करने और फर्जी दस्तावेजों के सहारे अभ्यर्थियों का पंजीकरण कराने के आरोपी की अविनाश पांडेय की जमानत अर्जी कोर्ट ने खारिज कर दी है।जमानत के विरोध में सरकारी वकील ने कहा कि उप्र फार्मेसी काउंसिल के विशेष कार्याधिकारी रमेश चन्द्र श्रीवास्तव ने पांच फ़रवरी 2021 को ग़ाज़ीपुर थाने पर घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा गया है कि फार्मेसी काउंसिल ऑफ़ उप्र में उन अभ्यर्थियों का पंजीकरण किया जाता है जिन लोगो ने काउंसिल से मान्यता प्राप्त कालेज या विश्वविद्यालय से बी फार्मा या डी फार्मा किया हो। 136 अभ्यर्थियों के आवेदन के साथ लगाये गए अभिलेख फर्जी और कूटरचित निकले। विवेचना के दौरान पता चला कि आरोपी अविनाश पांडेय छात्रो के फर्जी कागजात बनाने में मदद करता था।
हिंदी हिन्दुस्ता...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.