आगरा, जुलाई 18 -- बुजुर्ग एवं विधवा नानी 78 वर्ष के साथ धोखाधड़ी कर उनका मकान बेचने के मामले में आरोपित धेवते धीरज मोहिले निवासी परशुराम नगर शाहगंज को अदालत ने दोषी पाया है। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट 12 अनुभव सिंह ने उसे तीन वर्ष के कारावास एवं 15 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। वहीं आरोपित शैलेंद्र एवं उनकी पत्नी को साक्ष्य के अभाव में बरी करने के आदेश दिए। 16 साल बाद आरोपित को उसके कृत्य की सजा मिली है। वादिया इंद्रा बाई पाटिल निवासी साकेत कॉलोनी शाहगंज ने वर्ष 2008 में अपनी बेटी के पुत्र धीरज मोहिले आदि के विरुद्ध अदालत में वरिष्ठ अधिवक्ता संदीप परमार के माध्यम से धोखाधड़ी एवं अमानत में खयानत के आरोप में परिवाद दायर किया। इसमें आरोप लगाया था कि वह अपनी मानसिक रुप से अस्वस्थ पुत्री के साथ साकेत कॉलोनी स्थित मकान में रहती है। ऊपर...