नई दिल्ली, फरवरी 26 -- नई दिल्ली, कार्यालय संवाददाता। कड़कड़डूमा कोर्ट ने करीब 16 वर्ष पुराने कथित धोखाधड़ी और आपराधिक धमकी के मामले में एक ही परिवार के तीन सदस्यों को बरी कर दिया है। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का आरोप संदेह से परे साबित करने में विफल रहा है। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी पी. भार्गव राव की अदालत ने दस्तावेजों और मौखिक बयानों के अंतर्विरोध के चलते आरोपी कुंज बिहारी लाल, उसकी दो पत्नियों सीमा और शालू को आरोपों से बरी कर दिया है। अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि जब किसी लेनदेन के संबंध में लिखित समझौता मौजूद हो, तो मौखिक गवाही के आधार पर उसमें बदलाव या विरोधाभास स्वीकार नहीं किया जा सकता। यह मामला वर्ष 2009 में कृष्णा नगर थानाक्षेत्र में दर्ज प्राथमिकी से जुड़ा है। शिकायतकर्ता भगवती ने आर...
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