धूमिल की खंडित मूर्ति पर साहित्य जगत में रोष
वाराणसी, जुलाई 30 -- वाराणसी, हिन्दुस्तान संवाद। जनकवि सुदामा पांडेय 'धूमिल' की खंडित मूर्ति को लेकर साहित्यकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। बुधवार को कोरौता गांव में धूमिल स्मृति द्वार पर जिला पंचायत सदस्य सुनील सिंह के नेतृत्व में साहित्यकारों ने मूर्ति स्थल का निरीक्षण किया। सुनील सिंह ने बताया कि उनकी तहरीर पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। चौकी प्रभारी ने घटना में शामिल अराजक तत्वों को गिरफ्तार करने के लिए एक सप्ताह का समय मांगा है। साहित्यकारों ने कहा कि धूमिल की मूर्ति के साथ की गई तोड़फोड़ साहित्य और सांस्कृतिक विरासत का अपमान है। यह भी पढ़ें- Varanasi News: पंडाल की दीवार गिराने से तनाव उन्होंने प्रशासन से दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी, उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई तथा मूर्ति की जल्द पुनर्स्थापन...
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