गंगापार, सितम्बर 29 -- बीते शनिवार को आंधी के बाद हुई बरसात ने धान की अगेती खेती करने वाले किसानों चिंता बढ़ा दी। धान की बालियां लटक गई है। तेज हवा से तैयार फसल गिर गई उसके बाद बारिश होने से कंडवा रोग लगने का डर सताने लगा। लेकिन रविवार को सुबह तेज धूप ने उम्मीद बढ़ाई और किसान धान की तैयार फसल समेटने में लग गया। सिंगरामऊ के किसान राधेश्याम पांडेय बताते है कि शुक्रवार को धूप देखने के बात एक बीघा धान काट कर खेत में ही सूखने के लिए छोड़ दिए थे। जो बरसात से भीग गया। दो दिन की धूप के बाद आज फसल समेटने में लगे है। यही स्थिति रूदापुर, चिरौड़ा, बाबूगंज के किसानों की है। रुदापुर के अमित यादव ने बताया कि धान की अगेती खेती से आलू की बुआई से पहले खेत की तैयारी का समय मिल जाता है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रक...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.