सहरसा, जून 7 -- कहरा, एक संवाददाता। प्रखंड क्षेत्र में पड़ रही भीषण गर्मी और आग उगलती धूप ने मखाना उत्पादक किसानों की चिंता बढ़ा दी है। तेज धूप के कारण मखाना खेतों का जलस्तर तेजी से घट रहा है, जबकि बेहतर उत्पादन के लिए खेतों में पर्याप्त जलजमाव आवश्यक होता है। ऐसे में किसानों के लिए खेतों में पानी का स्तर बनाए रखना बड़ी चुनौती बन गया है। किसान रामेश्वर मुखिया, टुनटुन मुखिया सहित अन्य किसानों ने बताया कि खेतों में पानी बनाए रखने के लिए प्रति एकड़ प्रतिदिन 7 से 8 घंटे पंपसेट चलाकर सिंचाई करनी पड़ रही है। इससे खेती की लागत भी लगातार बढ़ रही है और किसानों पर आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है। यह भी पढ़ें- सहरसा : तेज धूप में सूख रहे मखाना के खेत मुख्यमंत्री कृषि संबंध योजना के तहत धेमरा नदी के पूर्वी बहियार में लगाए गए बिजली पोल और वायरिंग से किसानो...