धुएं में घिरता झारखंड, युवाओं में बढ़ती लत बनी बड़ी चुनौती
रांची, मई 30 -- रांची, संवाददाता। झारखंड में तंबाकू सेवन की बढ़ती समस्या एक गंभीर सामाजिक और स्वास्थ्य संकट के रूप में सामने आ रही है। राज्य में खैनी, गुटखा, जर्दा और बीड़ी का चलन न केवल ग्रामीण इलाकों बल्कि शहरों में भी व्यापक है। डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि तंबाकू अब केवल एक आदत नहीं, बल्कि कैंसर, हृदय रोग, फेफड़ों की बीमारी और समय से पहले मौत का बड़ा कारण बन चुका है। झारखंड में तंबाकू सेवन की दर राष्ट्रीय औसत से अधिक रही है। एक अध्ययन के अनुसार राज्य में लगभग 50 प्रतिशत वयस्क किसी न किसी रूप में तंबाकू का सेवन करते हैं, जबकि राष्ट्रीय औसत 34.6 प्रतिशत था। कोटपा के अनुसार झारखंड में लगभग 38.9 प्रतिशत वयस्क तंबाकू का उपयोग करते हैं। इनमें पुरुषों की हिस्सेदारी 59.7 प्रतिशत और महिलाओं की 17 प्रतिशत है。 यह भी पढ़ें- तंबा...
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