धीरे-धीरे पैर पसार रहीं झुग्गी-झोपड़ियां बन सकती हैं संकट
नवादा, जून 28 -- नवादा जिले में शहरीकरण की रफ्तार बढ़ने के साथ ही एक गंभीर समस्या भी तेजी से पैर पसार रही है। जिले के प्रमुख शहरी क्षेत्रों में छोटी-बड़ी झुग्गी-झोपड़ियां शहरों की बाहरी रौनक को प्रभावित कर रही हैं। जिले के चार प्रमुख शहरी निकायों- नवादा, हिसुआ, वारिसलीगंज और रजौली में आज करीब 15 हजार से अधिक की आबादी इन तंग और अभावग्रस्त झुग्गियों में रहने को मजबूर है।
झुग्गी बस्तियों का बढ़ता संकट लेकिन, वर्तमान स्थिति यह है कि समय के साथ ये झुग्गी बस्तियां धीरे-धीरे बड़ी होती जा रही हैं, जो आने वाले दिनों में शहरी नियोजन के लिए एक बड़ा संकट बन सकती हैं। मूलभूत सुविधाओं से महरूम इन बस्तियों के लोग मुख्यधारा के विकास की दौड़ में काफी पीछे छूट गए हैं। नवादा शहर के पम्पूकल चौक पर रेलवे की जमीन पर टिके 50 घर के 200 लोगों की आबादी फिलहाल उस...
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