धार्मिक शिक्षा के लिए मान्यता की जरूरत नहीं: मौलाना आरिफ
हरिद्वार, मई 13 -- हरिद्वार, संवाददाता। मदरसा दारुल उलूम रशीदिया के प्रबंधक मौलाना मोहम्मद आरिफ का कहना है कि धार्मिक शिक्षा के लिए मान्यता की जरूरत नहीं है। मॉडर्न स्कूली शिक्षा के लिए मान्यता आवश्यक है। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि धार्मिक शिक्षा प्रदान करने वाले संस्थानों को मान्यता से बाहर किया जाए। कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने जनवरी 2026 में स्पष्ट किया है कि केवल मान्यता न होने के आधार पर मदरसों को बंद नहीं किया जा सकता। ऐसे मदरसें सरकारी अनुदान और परीक्षा सुविधा के हकदार नहीं होंगे। बुधवार को ईदगाह रोड ज्वालापुर के मदरसा दारुल उलूम रशीदिया में उत्तराखंड के मदरसों को लेकर बैठक आयोजित हुई। इसमें धार्मिक शिक्षा देने वाले मदरसों को शिक्षा बोर्ड से बाहर रखने की मांग की गई। इस दौरान मदरसा शिक्षा को लेकर भ्रम फैलाने, मदरसों...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.