उरई, मार्च 9 -- जालौन। नाना महाराज के मंदिर में संत नृत्यगोपालदासजी महाराज के सानिध्य में धार्मिक कार्यक्रम हुआ। जिसमें संत कमल नयनदासजी महाराज ने रामार्चा की और भक्तों को रामकथा का रसपान कराया। संत कमल नयनदासजी महाराज ने कहा भगवान श्रीराम का जीवन आदर्शों, मर्यादा और धर्म पालन का सर्वाोत्तम उदाहरण है। बताया रामकथा केवल धार्मिक कथा नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाली प्रेरणा है। भगवान श्रीराम ने अपने जीवन में सत्य, कर्तव्य और त्याग का मार्ग अपनाकर समाज को यह संदेश दिया कि विपरीत परिस्थितियों में भी धर्म और मर्यादा का पालन करना ही सच्चा जीवन है। कथा के दौरान उन्होंने श्रीराम के बाल्यकाल, वनवास और उनके आदर्श चरित्र का भावपूर्ण वर्णन किया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। उन्होंने लोगों को जीवन में भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपनाने क...