मेरठ, जून 24 -- श्री दिगंबर जैन प्राचीन बड़ा मंदिर पर चल रहे श्री शांतिनाथ महामंडल विधान में शनिवार को नित्य नियम पूजन के साथ भगवान की शांतिधारा व अभिषेक किया गया। विधान के 35 वें दिन 140 परिवारों ने भाग लेकर पुण्य संचय किया। आचार्य भाव भूषण जी महाराज ने धर्म सभा में कहा कि अपने आचरण को धर्मानुकूल बनाकर जीवन यापन करना चाहिए। धर्मानुरागी बंधु हमेशा ही अपने जीवन को सुख और दुख के हिसाब से ढाल लेते है। जिसमें वह सुख शांति को प्राप्त करता हैं। अत: अपने आचरण में अहम को त्याग कर और मृदुभाषिता को अपना कर क्रोध, मान, माया, लोभ का त्याग कर जीवन सुखमय बनाने का प्रयास करें। यह भी पढ़ें- अहिंसा प्रत्येक आत्मा का धर्म है : भाव भूषण तभी शांतिनाथ महामंडल विधान करना मंगल कार्य होगा।भगवान शांतिनाथ की शांतिधारा जिनेश्वर जैन, संतोष जैन, अंकिता जैन, आकाशी जैन...