हरिद्वार, मार्च 17 -- देव संस्कृति विवि में विभिन्न देशों के विद्वानों ने वैश्विक स्तर पर धर्म, संस्कृति और आध्यात्मिकता के समन्वय पर जोर दिया। मंगलवार को धार्मिक अध्ययन के विकास पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ प्रज्ञागीत के साथ हुआ। इस अवसर पर प्रति कुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने कहा कि आज के वैश्विक समाज में विभिन्न धार्मिक परंपराओं के बीच संवाद, सहयोग और पारस्परिक समझ जरूरी है। जॉन पॉल द्वितीय कैथोलिक विवि ल्यूब्लिन पोलैंड के रेव. डॉ. फिलिप जोजेफ क्राउज ने बताया कि 1918 में स्थापना के बाद से ही वहां आस्था और तर्क को एक ही सत्य के दो आयाम मानकर अध्ययन कराया जाता रहा है। बाइबिल के साथ भारतविद्या जैसे विषय भी शामिल किए गए हैं। इस दौरान ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, जर्मनी, कनाडा, सीरिया, यूक्रेन, उज़्बेकिस्तान, जापान, रोमानिया और ईरान ...