धारा 216 सीआरपीसी के तहत आरोप बदलने का अधिकार केवल अदालत को : हाईकोर्ट
प्रयागराज, मई 8 -- Allahabad Highcourt: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि आरोप तय होने के बाद आरोपी को धारा 216 दंड प्रक्रिया संहिता (अब धारा 239 बीएनएसएस) के तहत स्वयं आवेदन देकर आरोप बदलवाने या हटवाने का कोई अधिकार नहीं है। अदालत ने कहा कि यह शक्ति केवल ट्रायल कोर्ट के पास है और वह भी तभी प्रयोग की जा सकती है जब अदालत को स्वयं लगे कि आरोपों में संशोधन आवश्यक है। न्यायमूर्ति विवेक कुमार सिंह ने यह फैसला कानपुर देहात के शिवली थाने में दर्ज पॉक्सो और दुष्कर्म के मामले में आरोपी प्रवीण पाल की याचिका खारिज करते हुए दिया। मामला वर्ष 2022 में दर्ज एफआईआर से जुड़ा है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि आरोपी ने 6-7 वर्ष पहले उसके साथ दुष्कर्म किया, अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया तथा गर्भपात कराने के लिए दवा दी। पुलि...
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