भदोही, सितम्बर 3 -- ज्ञानपुर, संवाददाता। अगार में रोपे गए धान फसल में बालियां निकलने वाले हैं। ऐसे में किसान फसल में यूरिया खाद संग रोग से बचाव को दवाओं का छिड़काव कर रहे हैं। बीच-बीच में हुई बारिश से धान फसल सिवान में लहलहा रही है। ऐसे में खाद व दवा का छिड़काव कर रहे हैं। कृषि वैज्ञानिकों की माने तो धान फसल में लगने वाले कीट रोग से बचाव को कृषक विशेष सावधानी बरतें। धान में लगने वाला हिस्पा कीट भी पतियों में कई जगह छेद करते हुए पत्तियों को खा जाता है। इन दोनों कीटों को नियंत्रण के लिए क्लोरोपाइरीफास नामक कीटनाशक 1.5 मिलीलीटर प्रति लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करते हैं। कृषि विज्ञान केंद्र बेजवां के वैज्ञानिक डॉ. आरपी चौधरी ने बताया कि आगामी दिनों में भूरा हापर के प्रकोप बढ़ने की संभावना रहती है। यह कीट पौधों तना तथा पत्तियों से रस चूसता है जिस...