बिहारशरीफ, अप्रैल 11 -- धरती पुत्रों की व्यथा01 धान खेती : बढ़ रही है लागत और घट रहा मुनाफा, चिंता में किसान मजदूरों की किल्लत, महंगे खाद-बीज व मानसून की बेरुखी ने जवाब दे रही किसानों की हिम्मत प्रति एकड़ 24 हजार तक पहुंच रहा खर्च, 6 महीने की मेहनत के बाद महज 51 हजार की उपज सरकारी खरीद में लेटलतीफी, कर्ज चुकाने के दबाव में आढ़तियों को कम दाम में धान बेचने की विवशता फोटो किसान : खेत में काम करते किसान। बिहारशरीफ, कार्यालय प्रतिनिधि। किसान दिन-रात मिट्टी में पसीना बहाकर लोगों का पेट भरता है। लेकिन, बाजार की नीतियां उसकी अपनी थाली खाली रखती हैं। जलवायु परिवर्तन के इस दौर में धान की खेती अब मुनाफे का सौदा नहीं रह गई है। लागत हर साल बढ़ रही है। परंतु, उस अनुपात में मुनाफा घटता जा रहा है। उपज तैयार होने के बाद उसे बेचने में जो जलालत झेलनी पड़ती है,...
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