चंदौली, जून 14 -- शहाबगंज, हिन्दुस्तान संवाद। धान का कटोरा कहे जाने वाले शहाबगंज क्षेत्र में इन दिनों सिंचाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। क्षेत्र की प्रमुख नहरें सूखी पड़ी हैं। जिनकी तलहटी में जगह-जगह गहरी दरारें दिखाई दे रही हैं। हाल यह है कि नर्सरी डालने सीजन में इलाके की मुख्य लेफ्ट कर्मनाशा नहर में पानी के स्थान पर धूल उड़ रही है। हालात ऐसे हैं कि पशु-पक्षियों की प्यास बुझाने के लिए भी नहरों में एक बूंद पानी उपलब्ध नहीं है। धान की खेती पर आधारित इस क्षेत्र के किसानों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है। वर्तमान समय धान की नर्सरी डालने का महत्वपूर्ण दौर है। हर वर्ष किसान नहरों के पानी के सहारे धान की नर्सरी तैयार करते हैं। लेकिन इस बार नहरों में पानी नहीं छोड़े जाने से किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मजबूरी में कि...