चंदौली, जुलाई 12 -- चंदौली, संवाददाता । धान के कटोरे में खा‌द्यान्न, श्रीअन्न एवं दलहनी फसलों को बढ़ावा दिया जा रहा है। ताकि किसान परम्परागत खेती करने के साथ ही अरहर, बाजरा, आदि फसलों की बुआई कर अपनी आय दोगुनी कर सके। इसके लिए जिले में अरहर सहित अन्य फसलों की बुआई के लिए लक्ष्य भी निर्धारित किया गया है। इस साल अरहर का रकबा भी बढ़ाया गया है। साथ ही किसानों को इन फसलों की बुआई के लिए जागरूक किया जा रहा है। ताकि किसान आर्थिक रूप से समृद्ध होकर आत्मनिर्भर बन सकें। देश के आकांक्षात्मक जिलों में शामिल कृषि प्रधान इस जिले में किसान परम्परागत धान और गेहूं की खेती करते चले आ रहे हैं। यहां धान की पैदावार ज्यादा होने से जिला धान के कटोरे के रूप में विख्यात है। इस धान के कटोरे में अधिकांश किसान दलहन और तिलहन और मोटे अनाज की खेती करने के लिए आगे नहीं ...