गोपालगंज, नवम्बर 23 -- कुचायकोट। एक संवाददाता प्रखंड क्षेत्र के किसान इस बार धान की पूरी तरह बर्बाद हुई फसल को देखकर गहरे संकट में हैं। भारी वर्षा के कारण खेतों में लंबे समय तक जलभराव बना रहा, जिससे बालियां पकने से पहले ही झुलस गईं और पौधे सड़ने लगे। कई खेतों में पानी अब तक नहीं उतरा है, जिससे नुकसान का वास्तविक आकलन भी मुश्किल हो रहा है। किसानों का कहना है कि इस वर्ष फसल इतनी कम हुई कि लागत निकलना भी संभव नहीं हो सका। पहले एक बीघा में जहां 10-12 क्विंटल धान हो जाता था, वहीं इस बार अधिकांश किसानों को 1-2 क्विंटल से अधिक उपज नहीं मिली। कई किसानों को तो एक क्विंटल धान भी नहीं मिल पाया। सबसे बड़ी चिंता यह है कि अब तक किसानों को सरकारी अनुदान या राहत की कोई सहायता नहीं मिली है। फसल मुआवजा योजना कागजों पर तो मौजूद है, लेकिन जमीनी स्तर पर किसान...
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