जौनपुर, जून 14 -- जौनपुर। किसान इस समय धान की नर्सरी डाल रहे हैं। बहुत से किसान सांडा तैयार करने के लिए पहले ही नर्सरी डाल चुके हैं। ऐसे में किसान नर्सरी के प्रति सजग रहें। रोज क्यारी का अवलोकन करते रहे। रोग की आशंका दिखाई देते ही उपचार की व्यवस्था करें। यह सलाह किसानों को जिला कृषि अधिकारी विनय सिंह दे रहे हैं। जिला कृषि अधिकारी का कहना है कि किसान खरीफ फसलों की बुवाई करने से पूर्व ट्राइकोडर्मा आठ ग्राम प्रति किग्रा बीज या कार्बण्डाजिम 2.5 ग्राम प्रति किग्रा बीज अथवा थीरम तीन ग्राम प्रति किग्रा से बीज शोधन अवश्य करें। वर्तमान समय में धान की नर्सरी में लगने वाले रोगों से बचाव के लिए उपचारात्मक कार्य करें।

नर्सरी का खैरा रोग यह रोग जस्ते की कमी के कारण होता है। इसमें पत्तियां पीली पड़ जाती हैं जिस पर बाद में कत्थई रंग के धब्बे पड़ जाते है...