खगडि़या, अप्रैल 11 -- खगड़िया । नगर संवाददाता कृषि प्रधान जिले में किसान अपने हर सपने को खेती से होने वाले आमदनी से ही पूरा करते हैं, लेकिन पिछले ो कुछ वर्षों से मौसम की बेरुखी किसानों के सपने को साकार नहीं होने दे रही है। आलम यह है कि मोटी आमदनी के आस में किसानों के लगाए गए पंूजी का ब्याज भी मुश्किल से वापस हो पा रहा है। चाहे खरीफ की खेती हो या फिर रबी की। हर बार कुछ न कुछ प्राकृतिक आपदा किसानों को परेशान करती है। और किसानों को मन मुताबिक आमदनी नहीं होने से परेशानी बढ़ती जा रही है। क्योंकि अब खेती करना भी आसान नहीं रह गया है। महंगाई, मजूदरों की कमी व मौसम की मार। इन सभी कारणों से उत्पादन प्रभावित हो रहा है।कभी बाढ़ के भय से कम होती थी धान की खेती अब बढ़ा है खेती करने का रकवा: वर्ष 2009 तक जिले के कई प्रखंडों के लोग धान की खेती करने को जुआ खे...
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