सीतामढ़ी, अप्रैल 11 -- सीतामढ़ी। जिले के किसानों के लिए धान की खेती अब पहले की तरह आसान और लाभदायक नहीं रह गई है। जलवायु परिवर्तन के प्रभाव ने खेती की पारंपरिक व्यवस्था को पूरी तरह बदल दिया है। अनियमित बारिश, लंबे सूखे और अचानक बाढ़ जैसी परिस्थितियों के कारण किसानों की मेहनत और लागत दोनों में इजाफा हो गया है। वहीं इसके अनुपात में मुनाफा नहीं मिल पा रहा है। बेमौसम बारिश से फसल को हो रहा नुकसान : किसानों का कहना है कि पहले समय पर मानसून के आने से धान की रोपाई और फसल की बढ़वार सामान्य रूप से होती थी, लेकिन अब कभी देर से बारिश होती है तो कभी अत्यधिक वर्षा फसल को नुकसान पहुंचा देती है। वहीं कई बार खेतों में पानी की कमी हो जाती है। जिससे सिंचाई के लिए डीजल पंप का सहारा लेना पड़ता है। इससे खेती की लागत काफी बढ़ जाती है। वर्ष 2025-26 में बिचड़ा तैयार क...
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