बांदा, जून 6 -- बांदा। कृषि विज्ञान केंद्र बांदा की ओर से शनिवार को अतर्रा ग्रामीण में कृषि जागरूकता कार्यक्रम किया गया। कृषि वैज्ञानिक ने किसानों को ढैंचा बोने की सलाह दी। कहा कि इससे रसायनिक उर्वरक में होने वाला खर्च रुकेगा और धान की अच्छी फसल होगी। कृषि वैज्ञानिक डॉ.दीक्षा पटेल ने बताया कि मृदा स्वास्थ्य के प्रति किसानों को जागरूक करने के उद्देश्य से एक से 30 जून तक 'खेत बचाओ अभियान' चलाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य मृदा स्वास्थ्य को ठीक करना, रासायनिक उर्वरकों का संतुलित प्रयोग करना, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना व श्रीअन्न् फसलों को बढ़ावा देना है। डॉ. दीक्षा पटेल ने कृषकों को हरी खाद विषय में बताया और धान वाले खेतों में ढैंचे की हरी खाद बोने की सलाह दी। यह भी पढ़ें- संतुलित उर्वरक उपयोग और तकनीक से बचेगी मिट्टी की सेहत 1 से 1.5 ...