मधुबनी, फरवरी 22 -- बाबूबरही, निज संवाददाता। प्रखंड क्षेत्र के जटही गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के समापन अवसर पर आयोजित संत सम्मेलन में धर्म संसद का आयोजन किया गया। जहां मिथिला क्षेत्र और 52 मंडली से जुड़े संतों ने धर्म, भक्ति और सामाजिक एकता पर विस्तार से प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि भागवत कथा केवल धार्मिक अनुष्ठान भर नहीं। बल्कि यह समाज को जोड़ने और नैतिक चेतना जगाने का सशक्त माध्यम है। कथा वाचक परम पूज्य परीक्षण दास जी महाराज ने कहा कि बदलते दौर में समाज अनेक तरह के चुनौतियों से गुजर रहा। पारिवारिक विघटन, नशाखोरी, सामाजिक वैमनस्य और नैतिक पतन जैसी समस्याओं से निपटने के लिए आध्यात्मिक जागरण आवश्यक है। युवाओं को भारतीय संस्कार और संस्कृति से जुड़ने को आह्वान किया। संसद के दौरान संतों ने नैतिक मूल्यों के संरक्षण पर विशेष बल देते कहा क...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.