धर्म-राजनीति से प्रेरित साहित्य इतिहास नहीं बन सकता
एटा, अप्रैल 7 -- एटा साहित्य क्लब ने साहित्य अपने समय का इतिहास होता है विषय पर संगोष्ठी का आयोजन जेएलएन के सेवानिवृत प्रो. डा. केपी सिंह के आवास पर किया। कार्यक्रम में आचार्य डॉ. प्रेमीराम मिश्र ने अध्यक्षता एवं संचालन कवि बलराम सरस ने किया। पूनम यादव ने कहा साहित्यकार जो लिखता है। वह समाज में घट रही घटनाओं की तस्वीर अपने शब्दों से उकेरता है। डॉ. ओमश्रृषि भारद्वाज ने कहा साहित्यकार देश, काल, परिस्थिति के अनुसार सामाजिक, राजनीतिक, मनोवैज्ञानिक, पारिवारिक घटनाओं को देखता है। राम औतार कर्मयोगी ने कहा इतिहास निरन्तर लिखी जाने वाली प्रक्रिया है। आज का लेखन कल का इतिहास होता है। कवयित्री दीप्ति चौहान ने कहा परिवर्तन एक स्वाभाविक प्रक्रिया है। साहित्यकार का दिल पत्थर का नही हो सकता। डॉ. केपी सिंह ने कहा हर साहित्य समाज का आइना नहीं हो सकता। धर्...
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