धर्म रक्षा हेतु दे देनी चाहिए जीवन की भी आहुति
बरेली, अप्रैल 9 -- फतेहगंज पश्चिमी। ग्राम खिरका जगतपुर में साप्ताहिक श्रीराम कथा ज्ञानयज्ञ के दूसरे दिन आज सोमवार को मध्याह्न वेला में नैमिषधाम से आए कथाव्यास आचार्य अवध किशोर शास्त्री 'सरस' जी ने रामकथा के प्रसंगों का संगीतमय गायन किया।कथाव्यास ने दूसरे दिन की कथा में माता सती द्वारा श्रीराम की सीता रूप में परीक्षा लेने, भगवान शिव द्वारा पत्नी रूप में सती का त्याग करने और 87 हजार वर्षों की लंबी अखंड समाधि जैसे ज्ञान-भक्ति वर्धक प्रसंग सुनाए।कथाव्यास ने बताया कि माता-पिता, गुरु और संत की आज्ञा का आंख मूंदकर पालन करना चाहिए। दक्ष यज्ञ में भगवान शिव के अपमान से क्षुब्ध होकर माता सती द्वारा यज्ञ कुण्ड में कूदकर भस्म हो जाने का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि धर्म की रक्षा हेतु स्वयं की आहुति देनी पड़े तो भी संकोच नहीं करना चाहिए। इस दौरान नत्थूला...
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